Monday, June 8, 2020

सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार को शिकायत भेजने के लिए इस ईमेल आईडी

सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार को शिकायत भेजने के लिए इस ईमेल आईडी पर करें शिकायत : supremecourt@nic.in
प्रधानमन्त्री को शिकायत भेजने के लिए इस ईमेल आईडी पर करें शिकायत : narendramodi1234@gmail.com
ग्रहमंत्री जी को शिकायत भेजने के लिए इस ईमेल आईडी पर करें शिकायत : jsf@mha.gov.in AND s.police1@mha.gov.in
NBFC कम्पनियों के खिलाफ इन ईमेल आईडी पर भी की जा सकती है शिकायत !
Delhi Zone :     nbfconewdelhi@rbi.org.in
Mumbai Zone : nbfcomumbai@rbi.org.in
Chennai Zone : nbfcchennai@rbi.org.in
Kolkata Zone : nbfcokolkata@rbi.org.in

Wednesday, June 3, 2020

विधायक/ सांसद विकास निधि से क्षेत्र में हुए कार्यों की सूचना, सूचना का अधिकार अधिनियम का प्रयोग कर लेले सकते है

विधायक/ सांसद विकास निधि से क्षेत्र में हुए कार्यों की सूचना, सूचना का अधिकार अधिनियम का प्रयोग कर लेले सकते है सकते है, कई बार देखने को मिलता है कि उक्त निधि से एक ही कार्य को कई बार किया गया है और राशि का बंदरबांट हुआ है, ऐसी सूचना प्राप्त कर संबंधित आलोक में जांच कराई जा सकती है तथा ऐसे दुरुपयोग को रोका जा सकता है।
उक्त संबंध में निम्न प्रकार से सूचना मांगी जा सकती है।
हमारे जनप्रतिनिधी सांसद / विधायक श्री ..... , ...... विधानसभा/लोक सभा द्वारा अबतक प्रस्तावित योजनाओं तथा उसको पूरा किए जाने के संबंध में मुझे निम्नांकित विन्दूवार सूचना पूर्ण विवरण व सत्यापित प्रमाण के साथ उपलब्ध करावें।
1. उक्त द्वारा प्रस्तावित योजनाओं का नाम सहित तिथिवार ब्यौरा एवं संबंधित टेंडरों का भी ब्यौरा उपलंब्ध कराते हुए यह भी बतावें कि उक्त योजनाओं का कार्य कब से प्रारम्भ की जानी थी और कबतक इसे पूरा किया जाना था।
2. उक्त प्रस्तावित योजनाओं में से कितने योजना अबतक पूरा किया जा चुका है, उक्त पर आए खर्चों का ब्यौरा।
3. उक्त में से कितनी योजनाएं अबतक अधूरी है, पर अनुमानित खर्चों का भी व्योरा उपलब्ध करावें।।
4. उक्त में से कितनी योजनाओं का कार्य अबतक प्रारम्भ नहीं हुई है, उक्त हेतु आवंटित राशि का भी ब्यौरा उपलब्ध करावें।
ऐसी सूचना मांग कर संबंधी आलोक में आगे की कार्यवाई हेतु लिखी जा सकती है।

Tuesday, June 2, 2020

बीपीएल एवं एपीएल सूची के संबंध में मुझे निम्नांकित सूचना प्रमाण के साथ उपलब्ध करावें

केंद्र सरकार प्रत्येक वर्ष गरीबी रेखा से नीचे गुजर बसर करने वाले परिवारों की गरीबी को दूर करने के लिए योजनाएं तैयार करती है, जिसके लिए सर्वे करवाती है,परंतु इस सर्वे में धांधली होने की बातें प्रायः दृष्टिगत होती है,  गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों को बी पी एल सूची
से बाहर रखा जाता है, ए पी एल परिवारों को बी पी एल सूची में सम्मलित कर दिया जाता है, सरकार की योजना का वास्तविक लाभ में बंदरबांट हो जाता है, वास्तविक हकदार इस से वंचित रह जाते है। इसी धांधली के कारण गरीबों को इसका लाभ नहीं मिल पाता है। इस धांधली को रोकने हेतु सूचना का अधिकार अधिनियम का प्रयोग निम्न प्रकार से किया जा सकता है।
बीपीएल एवं एपीएल सूची के संबंध में मुझे निम्नांकित सूचना प्रमाण के साथ उपलब्ध करावें।
1. बीपीएल परिवारों की सूची व उनके अंक।
2. एपीएल परिवरों की सूची।
3. बी पी एल सूची में दर्ज परिवारों के सर्वेक्षण प्रपत्र जिसके आधार पर उन्हें इस सूचियों में सम्मलित किया गया।
4. ए.पी.एल सूची में दर्ज परिवारों के सर्वेक्षण प्रपत्र जिसके आधार पर उन्हें इस सूचियों में सम्मलित किया गया।
5. उक्त सर्वेक्षण करने वाले कर्मियों का नाम सहित उन पदाधिकारियों का भी नाम बतावें जिनके देख रेख में सर्वेक्षण कार्य हुआ है।
6. ऐसी सूची भी उपलब्ध करावे जो परिवार पूर्व के बीपील से वर्तमान में एपीएल में आए है।
7. ऐसी सूची भी उपलब्ध करावे जो परिवार पूर्व के एपीएल से वर्तमान में बीपीएल में आए है।
8. बीपीएल तथा एपीएल के चयन से संबंधित बिभागीय दिशानिर्देश व मानक व मापदंड की छाया प्रति।
9. अबतक इन सूचियों का पुनरीक्षण से संबंधित व्योरा सहित उक्त के उपरांत अविधिक तरीके से दर्ज ऐसी सूचियों में से कितनी खामियाँ पाई गई ।
10. उक्त खामियों को दूर करने हेतु किए गए कार्यवाई का व्योरा सहित अद्यतन स्थिति।
11. अबतक उक्त संबंध में कितनी शिकायत प्राप्त हुआ है, प्रत्येक पर की गई कार्यवाई का व्योरा।
12. उक्त संबंधी में वरीय पदाधिकारियों द्वारा की गई जांच व दिए गए निर्देश।

पेय जल आपूर्ति के संबंध में मुझे निम्नांकित सूचना पूर्ण व्योरा व सत्यपित प्रमाण के साथ उपलब्ध करावें

बिभाग की निष्क्रियता के कारण आए दिन जल आपूर्ति की समश्याए देखने को मिलती है, खासकर गर्मी के दिनों में त्राहिमाम मचने लगती है, ऐसी बिभागीय निष्क्रियता की समश्या से निजात सूचना अधिकार अधिनियम का उपयोग कर पाई जा सकती है।
पेय जल आपूर्ति के संबंध में मुझे निम्नांकित सूचना पूर्ण व्योरा व सत्यपित प्रमाण के साथ उपलब्ध करावें।
1. ....क्षेत्र की  की जनसंख्या के मुताविक प्रतिदिन पेयजल की जरूरत कितनी है, और बिभागीय रिकार्ड के अनुसार किडनी आपूर्ति की जाती है।
2. उक्त आपूर्ति का निर्धारण जिस जनसंख्या के हिसाब से की गई है का व्योरा, सहित बढ़ी हुई जनसंख्या के हिसाब से उक्त आपूर्ति के निर्धारण हेतु की गई कार्यवाई का अद्यतन व्योरा।
3. उक्त पेयजल की आपूर्ति के बिभिन्न श्रोतों का व्योरा सहित इसमें पिछले 5 वर्षों में किए गए इजाफा का व्योरा सहित प्रत्येक पर किए गए खर्चों का भी व्योरा उपलब्ध करावें।
4.पिछले 5 वर्षों में उक्त क्षेत्र में नल जल सम्बन्धन हेतु कितने आवेदन प्राप्त हुए, कितने नए सम्बन्धन दिए गए, कितने सम्बन्धन दिए जाने हेतु लंबित है का वर्षवार व्योरा।
5. पिछले 2 वर्षों में पेय जल आपूर्ति के संबंध में कितनी शिकायतें प्राप्त हुई है, प्रत्येक पर हुई कार्यवाई व की निदान की अद्यतन स्थिति।
6. पेयजल आपूर्ति के संबंध में अद्यतन बिभागीय निर्देश सहित संबंधित नियमावली की भी छाया प्रति।
7. नाल जल सम्बन्धन से संबंधित नियमावली व अद्यतन बिभागीय निर्देश।
8. पेयजल आपूर्ति तथा नल जल सम्बन्धन से संबंधित उक्त बिभागीय निर्देशों के अनुपालन की अद्यतन स्थिति।
9. उक्त निर्देशों का अनुपालन नहीं किए जाने पर सम्बन्धितों के बिरुद्ध कार्यवाई के प्रावधानों का व्योरा व संबंधित दिशानिर्देश।
10. पिछले 2 वर्षों में ऐसे उलंघन के कितने मामले प्रमाणित हुआ, तथा कितने मामलों में सम्बन्धितों के बिरुद्ध कार्यवाई हुई, का व्योरा सहित संबंधित प्रमाण की छाया प्रति।

Saturday, May 30, 2020

बैंकों से प्रधानमंत्री रोजगार योजना एवं अन्य योजनाओं में ऋण प्राप्त करने में लोगों को काफी कठिनाइयों का सामाना करना पड़ता है

विभिन्न बैंकों से प्रधानमंत्री रोजगार योजना एवं अन्य योजनाओं में ऋण प्राप्त करने में लोगों को काफी कठिनाइयों का सामाना करना पड़ता है। युवाओं को स्वरोजगार से जोडऩे का सपना दिखाकर उद्योग विभाग आवेदन ले रहा है लेकिन बैंकों इन्हें ऋण देने में आनाकानी कर रहे है। स्थिति यह है कि इन्हीं बैंकों से कई एेसे लोग है जिन्होंने करोड़ों रुपए का लोन अधूरे दस्तावेज से ही ले लिया लेकिन जो युवा आगे बढऩे के लिए लघु व कुटीर उद्योग केलिए ऋण मांग रहे हैं, बैंक उसे देने से बच रहे हैं। उधर, सरकार कई योजनाएं ला रही है। इनमें सरकार सब्सिडी देती है लेकिन बैंक लोन देने से कतरा रहे हैं।
नाजायज राशि लेकर बाद में आवंटन देने वाले बैंकों से ऋण पहले मिल जाता है। सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत निम्न प्रकार की सूचना,मांग कर इन क्षेत्रों में हो रही गड़बड़ी पर अंकुश लगाया जा सकता है।
जिला उद्द्योग केंद्र की अनुसंशा जो आपके बैंकों को ऋण उपलब्ध कराने हेतु वित्तीय वर्ष ... से वित्तीय वर्ष ....के मध्य प्राप्त हुआ है के संबंध में मुझे निम्नांकित बिंदुवार सूचना  पूर्ण व्योरा एवं सत्यापित प्रमाण के साथ उपलब्ध करावें।
1. उक्त अवधि में आपके बैंक को उद्योग बिभाग से ऋण उपलब्ध कराने हेतु प्राप्त अनुसंशा की वर्षवार मासिक तिथिवार सूची।
2. संबंधित ऐसा ऋण उपलब्ध कराने हेतु बैंक को प्राप्त सभी स्तरों से प्राप्त निर्देश, आदेश, नियमावली इत्यादि की छाया प्रति।
3. उक्त प्राप्त सभी अनुसंशाओ में से कितने को कितने को ऋण प्रदान किया गया है की तिथि सहित उपलब्ध कराई गई ऋण की राशि का भी व्योरा दें।
4. कितने अनुसंशाओं पर ऋण अबतक उपलब्ध नहीं कराई गई है, उसकी अद्यतन स्थिति भी बतावें।
5. कितने प्राप्त अनुशंसाओं को पुनः उद्योग बिभाग को वापस किया गया है कि तिथि सहित उन तथ्यों की भी सूचना दे जिस आधार पर उक्त को वापस किया गया है।
6. सरकार के ऐसे अनुशंसा पर ऋण उपलब्ध नहीं कराए जाने के आधारों का व्योरा उपलब्ध करावे।
7. आपके बैंकों को उक्त संबंधित ऋण देने हेतु दिए लक्ष्य का भी वर्षवार व्योरा दें।

Friday, May 29, 2020

इंदिरा आवास आवंटन में गरीबों की अनदेखी

इंदिरा आवास आवंटन में गरीबों की अनदेखी, धनवानों को आवासों का आवंटन, एक ही परिवार को दो या अधिक बार आवंटन, बिना निर्माण के ही सभी किश्तों का भुगतान इत्यादि इत्यादि मामले सामने आते है। इन धांधलियों पर सूचना का अधिकार अधिनियम का प्रयोग कर रोक लगाई जा सकती है।
इस संबंध में निम्न प्रकार से सूचना का अधिकार अधिनियम का प्रयोग कर सकते है।
मेरे पंचायत......, वर्ष ... से .... के मध्य इंदिरा आवास आवंटन के संबंध में मुझे निम्नांकित विंदुवार सूचना सत्यपित प्रमाण के साथ उपलब्ध करावें।
1. उक्त अबधि में आवंटित इंदिरा आवास की सूची।
2. लाभार्थियों के चयन के लिए अपनाई गई प्रक्रिया।
3. जिस खुली बैठक में लाभार्थियों का चयन किया गया की कार्यवाई पंजी।
4. चयनित लाभार्थियों के बी पी एल सूची का व्योरा व प्रमाण।
5. उक्त चयनित अभ्यर्थियों को भुगतान की गई किश्तों का व्योरा।
6. ऐसे लाभार्थियों की सूची जिनके परिजनों को पूर्व में भी आवास आवंटित हुआ है।
7. ऐसे लाभार्थियों की भी सूची उपलब्ध करावे जिन्होंने  राशि लेकर भी आवास निर्माण नहीं किया है।
8. कितने ऐसे लाभार्थियों के बिरुद्ध प्राथमिकी की अनुशंसा हुई है, कितने मामले में इन अनुसंशा का अनुपालन हुआ है।
9. कितने लाभार्थियों के मामले में अबतक जांच हुई है, संबंधित जांच किन पदाधिकारियों ने की है तिथि सहित संबंधित का व्योरा दें।

Wednesday, May 27, 2020

प्राक्कलन (इस्टीमेट) घोटाला

प्राक्कलन (इस्टीमेट) घोटाला की समझ रखते हुए इस संबंध में सूचना का अधिकार अधिनियम का प्रयोग कर इसपर कैसे रोक लगा सकते है।
विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु पहले प्राक्कलन तैयार कर तकनीकी एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की जाती है। प्राक्कलन असल लागत से बहुत बढ़ा कर बनाया जाता है, जिससे प्रत्येक योजना में कार्यान्वयन से बहुत बड़ी राशि का लाभ ठेकदार को मिल जाता है और राजकोष का अपव्यय होता है। सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत इन योजनाओं का संपूर्ण ब्यौरा मांगा जा सकता है और राशि के दुरुपयोग को रोका जा सकता है।
इस संबंध में निम्न प्रकार से सूचना का अधिकार अधिनियम का प्रयोग कर सकते है।
Xyz योजना के क्रियान्वयन के संबंध में मुझे निम्नांकित बिंदुवार सूचना सत्यपित प्रमाण के साथ उपलब्ध करावे।
1 संबंधित योजना का डीपीआर(प्राक्कलन)किस कंसल्टेंसी से बनवाई गई है का ब्यौरा सहित उक्त कंसल्टेंसी का चयन जिन आधारों पर जिन प्रक्रियाओं के द्वारा किया गया है का भी ब्यौरा एवं प्रमाण उपलब्ध कराई जाए।
2.उक्त कंपनी डीपीआर जिस स्थलीय जांच व प्रक्रिया के द्वारा बनाया है का ब्यौरा सहित संबंधित  डीपीआर की सत्यापित छायाप्रति।
3. उक्त योजना का प्रथम डीपीआर किस तिथि को बानी, और इसमें कितनी बार डीभिएसन हुआ है ,का व्योरा सहित सभी डिभिएसन के दस्तावेजों की छाया प्रति।
4.  उक्त सभी डिभिएसन के आधार का  ब्यौरा भी उपलब्ध करावें।
5. संबंधित डीपीआर व सभी डिभिएसन की प्रशासनिक स्वीकृति व आवंटित राशि का भी ब्यौरा  एवं प्रमाण उपलब्ध करावें।
6. संबंधित योजना के टेंडर प्रक्रिया का व्योरा सहित टेंडर किस दर पर किया गया का भी सत्यापित छायाप्रति दें।
इत्यादि इत्यादि जैसी सूचना मांगी जा सकती है। अपने विचार व अनुभव व प्रयोग को साझा अवश्य करेंगे